मैनेजमेंट बाय-आउट (MBO) एवं बाय-इन (MBI)
मैनेजमेंट बाय-आउट (MBO)

प्रबंधन द्वारा अधिग्रहण (मैनेजमेंट बायआउट – MBO) एक कॉर्पोरेट वित्त लेनदेन है, जिसमें किसी परिचालनरत कंपनी की प्रबंधन टीम वर्तमान स्वामी(यों) की हिस्सेदारी खरीदने के लिए ऋण लेकर व्यवसाय का अधिग्रहण करती है। MBO लेनदेन लीवरेज्ड बायआउट (LBO) का एक प्रकार है और कभी-कभी इसे लीवरेज्ड मैनेजमेंट बायआउट (LMBO) भी कहा जाता है।
एमबीओ लेनदेन में, प्रबंधन दल का मानना होता है कि वह अपनी विशेषज्ञता के बल पर व्यवसाय का विकास कर सकता है, उसके परिचालन में सुधार कर सकता है और अपने निवेश पर प्रतिफल अर्जित कर सकता है। ऐसे लेनदेन प्रायः तब होते हैं जब स्वामी-संस्थापक सेवानिवृत्त होना चाहता है या कोई बहुसंख्यक शेयरधारक बाहर निकलना चाहता है।
ऋणदाता प्रायः प्रबंधन बायआउट का वित्तपोषण करना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे व्यवसाय के संचालन और कार्यकारी प्रबंधन टीम की निरंतरता सुनिश्चित होती है। यह परिवर्तन प्रायः व्यवसाय के ग्राहकों और उपभोक्ताओं को स्वीकार्य होता है, क्योंकि वे सेवा की गुणवत्ता के बने रहने की अपेक्षा कर सकते हैं।
प्रबंधन बायआउट क्यों?
- प्रबंधन बायआउट को वे बड़ी कंपनियाँ पसंद करती हैं जो अपने गौण प्रभागों की बिक्री चाहती हैं, या निजी व्यवसायों के वे स्वामी जो व्यवसाय से बाहर निकलना चुनते हैं।
- इन्हें प्रबंधन दल इसलिए हाथ में लेते हैं कि वे कंपनी की संभावित वृद्धि का वित्तीय प्रोत्साहन कर्मचारी के रूप में प्राप्त होने वाले प्रोत्साहन की तुलना में अधिक प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त करना चाहते हैं।
- व्यवसाय स्वामियों को मैनेजमेंट बायआउट आकर्षक लगते हैं, क्योंकि उन्हें प्रबंधन दल की प्रतिबद्धता का आश्वासन मिलता है और यह भी कि दल प्रतिकूल प्रचार के विरुद्ध हानि-संरक्षण प्रदान करेगा।
मैनेजमेंट बायआउट की प्रक्रिया को कैसे आगे बढ़ाएँ?
यदि आप उस प्रबंधन दल का हिस्सा हैं जो वर्तमान स्वामी या स्वामियों का स्वामित्व खरीदना चाहता है, तो आपको अपने दृष्टिकोण में सुविचारित रहना होगा (अथवा स्वामी स्वयं आपसे संपर्क कर सकते हैं)।
एक सुविचारित प्रस्ताव तैयार करें, जिसमें यह बताया गया हो कि आप व्यवसाय क्यों खरीदना चाहते हैं, आपके अनुसार उसका मूल्य क्या है, और आप खरीद का वित्तपोषण कैसे करेंगे।
वित्तीय मॉडल तैयार करने और संपूर्ण मूल्यांकन विश्लेषण करने सहित अपना उचित परिश्रम (ड्यू डिलिजेंस) अवश्य करें।
यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रबंधन के कौन-से सदस्य बायआउट में भाग लेंगे और कौन-से नहीं। उसके बाद आपको लेन-देन में इक्विटी के वितरण का कोई उचित तरीका चुनना होगा।
MBO (या LMBO) का वित्तपोषण कैसे करें?
सामान्यतः प्रबंधन बायआउट के लिए पर्याप्त वित्तपोषण की आवश्यकता होती है। प्रबंधन बायआउट के लिए वित्तपोषण निम्नलिखित स्रोतों से प्राप्त हो सकता है:
1. ऋण वित्तपोषण
किसी कंपनी के प्रबंधन के पास आवश्यक रूप से स्वयं व्यवसाय खरीदने के संसाधन तुरंत उपलब्ध नहीं होते। प्रमुख विकल्पों में से एक बैंक से ऋण लेना है। परंतु कुछ बैंक प्रबंधन बायआउट को अत्यधिक जोखिमपूर्ण मानते हैं और ऋण देने के इच्छुक नहीं हो सकते।
प्रबंधन दलों से सामान्यतः पर्याप्त राशि की पूंजी लगाने की अपेक्षा की जाती है, जो वित्तपोषण के स्रोत अथवा प्रबंधन दल के संसाधनों के बारे में बैंक के निर्धारण पर निर्भर करती है। इसके बाद बैंक अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि का शेष भाग ऋण के रूप में उपलब्ध कराता है।
2. विक्रेता/स्वामी द्वारा वित्तपोषण
कुछ मामलों में विक्रेता एक नोट के माध्यम से खरीद का वित्तपोषण करने के लिए सहमत हो सकता है, जिसका परिशोधन ऋण अवधि में किया जाता है। बिक्री के समय वसूला जाने वाला मूल्य नाममात्र का होगा, जबकि वास्तविक राशि आगामी वर्षों में कंपनी की आय से वसूल की जाएगी।
3. प्राइवेट इक्विटी वित्तपोषण
यदि कोई बैंक ऋण देने में संकोच करता है, तो प्रबंधन प्रायः अधिकांश बायआउट के वित्तपोषण के लिए प्राइवेट इक्विटी फंडों की ओर रुख कर सकता है। प्राइवेट इक्विटी फंड कंपनी के शेयरों के एक अंश के बदले पूंजी उधार दे सकते हैं, हालाँकि प्रबंधन को भी ऋण दिया जाएगा। प्राइवेट इक्विटी फर्में प्रबंधकों से यह अपेक्षा कर सकती हैं कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार अधिकतम निवेश करें, ताकि प्रबंधकों के निहित हित को कंपनी की सफलता से जोड़ा जा सके।
4. मेज़ानीन वित्तपोषण
मेज़ानाइन वित्तपोषण, जो ऋण और इक्विटी का संयोजन है, कुछ ऋण वित्तपोषण और इक्विटी वित्तपोषण संबंधी विशेषताओं को एक साथ समाहित करके स्वामित्व के अल्पीकरण के बिना प्रबंधन टीम के इक्विटी निवेश को सुदृढ़ करता है।
मैनेजमेंट बायआउट की योजना बनाते समय विचार करने योग्य शीर्ष 10 बातें
MBO की योजना बनाते समय विचार करने योग्य कुछ सबसे महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:
- लेन-देन की व्यवहार्यता का अध्ययन करें
- कार्यकारी अधिकारियों और शेयरधारकों के प्रति खुले और पारदर्शी रहें
- प्रमुख कर्मचारियों को सौदे में भागीदार बनाएँ (इक्विटी साझा करें)
- कर्मचारियों और ग्राहकों को बनाए रखने की सुदृढ़ योजना तैयार करें
- व्यवसाय के मूल्य की गहन समझ विकसित करना (वित्तीय मॉडलिंग और मूल्यांकन)
- अपनी वित्तपोषण व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें
- शत्रुतापूर्ण व्यवहार न करें, मित्रवत बने रहें
- सुविचारित शेयरधारक अनुबंध तैयार करें
- सौदे पर हस्ताक्षर होने तक अधिग्रहण को गोपनीय रखें
- सौदे पर कार्य करते समय व्यवसाय के संचालन की उपेक्षा न करें
मैनेजमेंट बाय-इन

मैनेजमेंट बाय-इन (MBI) एक कॉर्पोरेट वित्त लेन-देन है जिसमें कोई बाहरी प्रबंधन दल वर्तमान स्वामी(यों) की हिस्सेदारी खरीदने हेतु धनराशि जुटाकर किसी कंपनी का अधिग्रहण करता है। मैनेजमेंट बायआउट (MBO) के समान, MBI भी प्रायः लीवरेज्ड वित्तपोषण के माध्यम से संपन्न किया जाता है, जिससे यह एक प्रकार का लीवरेज्ड बायआउट (LBO) बन जाता है।
MBI लेन-देन में, बाहरी प्रबंधन समूह का यह मानना होता है कि उनकी विशिष्ट विशेषज्ञता, नया दृष्टिकोण अथवा रणनीतिक अंतर्दृष्टि व्यवसाय के प्रदर्शन, परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार ला सकती है। ऐसे लेन-देन प्रायः तब होते हैं जब वर्तमान स्वामी सेवानिवृत्त होना चाहते हैं, व्यवसाय से बाहर निकलना चाहते हैं, अथवा जब कंपनियों को परिचालन में नई जान डालने और विकास को गति देने के लिए नए प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
निवेशक प्रायः MBI का वित्तपोषण आकर्षक पाते हैं, क्योंकि बाहरी प्रबंधन दल उद्योग का विशिष्ट अनुभव, रणनीतिक फोकस और नवीन दृष्टिकोण लेकर आते हैं, जो व्यवसाय के मूल्य को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकते हैं। ग्राहक, आपूर्तिकर्ता और हितधारक आरंभ में सतर्क हो सकते हैं, किंतु जब नया प्रबंधन सक्षमता, निरंतरता और रणनीतिक दूरदर्शिता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है, तो वे प्रायः सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं।
मैनेजमेंट बाय-इन क्यों?
मैनेजमेंट बाय-इन विशेष रूप से उन निवेशकों या उद्यमियों को आकर्षित करते हैं जो ऐसी कम मूल्यांकित कंपनियों की पहचान करते हैं जिनमें वृद्धि की सुदृढ़ संभावना है, किंतु वर्तमान नेतृत्व के अंतर्गत उसका पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। बाहरी प्रबंधक सामान्यतः MBI इसलिए अपनाते हैं क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि उनकी विशिष्ट विशेषज्ञता और रणनीतिक दृष्टि महत्वपूर्ण अप्रयुक्त क्षमता को साकार करेगी और उनके निवेश पर पर्याप्त प्रतिफल देगी। स्वामियों को MBI लाभप्रद लग सकते हैं, क्योंकि इनसे व्यवसाय स्पष्ट वृद्धि उद्देश्यों वाले अनुभवी हाथों में सौंपा जाता है, जिससे कंपनी की स्थिरता और भावी मूल्य के संबंध में आश्वासन मिलता है।
मैनेजमेंट बाय-इन की योजना किस प्रकार बनाएँ?
यदि आप किसी बाहरी प्रबंधन दल के सदस्य हैं और किसी कंपनी का अधिग्रहण करना चाहते हैं, तो एक सुसंरचित और सुतैयार दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- एक पूर्ण प्रस्ताव तैयार करें, जिसमें आपकी परिकल्पना, अधिग्रहण का रणनीतिक औचित्य, सुदृढ़ मूल्यांकन और विस्तृत वित्तपोषण रणनीति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई हो।
- उद्योग विश्लेषण, विस्तृत वित्तीय मॉडलिंग और कठोर व्यवसाय मूल्यांकन सहित गहन उचित परिश्रम (ड्यू डिलिजेंस) करें।
- यह सटीक रूप से निर्धारित करें कि कौन-से बाहरी प्रबंधक बाय-इन में भाग लेंगे, और अधिग्रहण के पश्चात इक्विटी तथा प्रबंधन दायित्वों के उचित एवं न्यायसंगत वितरण पर सहमति बनाएँ।
MBI का वित्तपोषण कैसे करें?
MBI के लिए सामान्यतः पर्याप्त पूंजी की आवश्यकता होती है और उन्हें विभिन्न माध्यमों से वित्तपोषित किया जा सकता है:
- ऋण वित्तपोषण बाहरी प्रबंधन टीमें अधिग्रहण के वित्तपोषण के लिए पारंपरिक बैंक ऋणों का उपयोग कर सकती हैं। तथापि, आंतरिक संचालन से प्रबंधन की अपरिचितता के कारण बैंक MBI को MBO की तुलना में अधिक जोखिमपूर्ण मान सकते हैं। इसलिए बाहरी प्रबंधन टीम से सामान्यतः अपेक्षाकृत अधिक इक्विटी योगदान की आवश्यकता होती है।
- विक्रेता द्वारा वित्तपोषण: विक्रेता स्थगित भुगतान संरचनाओं या विक्रेता ऋणों पर सहमति देकर MBI को सुगम बना सकते हैं, जिनका समय के साथ परिशोधन होता है, और जो प्रभावी रूप से व्यवसाय की भावी कमाई के माध्यम से अधिग्रहण का वित्तपोषण करते हैं। यह व्यवस्था विक्रेता के हितों को बिक्री के पश्चात व्यवसाय की निरंतर सफलता के साथ संरेखित करती है।
- प्राइवेट इक्विटी वित्तपोषण: प्राइवेट इक्विटी फर्में प्रायः MBI के लिए पर्याप्त वित्तपोषण उपलब्ध कराती हैं और इक्विटी हिस्सेदारी के बदले पूंजी प्रदान करती हैं। वे आने वाली प्रबंधन टीम को पूरक ऋण भी दे सकती हैं, जिससे अपेक्षित व्यक्तिगत निवेश के माध्यम से प्रबंधन के प्रोत्साहन व्यवसाय की सफलता के अनुरूप हो जाते हैं।
- मेज़नीन वित्तपोषण मेज़नीन वित्त में ऋण और इक्विटी दोनों की विशेषताएँ सम्मिलित होती हैं, जो इक्विटी के अत्यधिक डायल्यूशन के बिना बाह्य प्रबंधन दल की क्रय-क्षमता बढ़ाता है। यह संकर संरचना सामान्यतः लचीलापन प्रदान करती है और उन दलों के लिए लाभकारी है जो परिचालन-नियंत्रण बनाए रखते हुए उत्तोलन को अधिकतम करना चाहते हैं।
मैनेजमेंट बाय-इन की योजना बनाते समय विचारणीय शीर्ष 10 बातें
MBI की योजना बनाते समय यह आवश्यक है कि:
- बाज़ार और व्यावसायिक व्यवहार्यता का गहन विश्लेषण करें।
- हितधारकों, विक्रेताओं और निवेशकों के साथ पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित करें।
- अत्यंत कुशल और परस्पर पूरक प्रबंधन दल सुनिश्चित करना।
- कर्मचारियों, ग्राहकों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए सशक्त संचार तथा प्रतिधारण रणनीतियाँ स्थापित करें।
- विस्तृत वित्तीय मॉडलिंग, मूल्यांकन और रणनीतिक विश्लेषण का निष्पादन करना।
- विविध वित्तपोषण विकल्पों पर विचार करते हुए वित्तपोषण को प्रभावी ढंग से सुरक्षित एवं संरचित करें।
- मौजूदा स्वामियों और कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण, व्यावसायिक संबंध बनाए रखें।
- स्पष्ट शासन संरचनाओं की रूपरेखा देने वाला एक पूर्ण शेयरधारक अनुबंध तैयार करें।
- अधिग्रहण के अंतिम रूप लेने तक उसके ब्योरों के संबंध में विवेकपूर्ण गोपनीयता बनाए रखें।
- संपूर्ण लेन-देन अवधि के दौरान परिचालन संबंधी एकाग्रता और स्थिरता बनाए रखना सुनिश्चित करना।
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MBO मार्गदर्शिका –
प्रबंधन दल

पारिवारिक व्यवसायों में बाय-आउट




