
नियम एवं शर्तें
व्यवसाय के सामान्य नियम एवं शर्तें
संस्करण 2022.1
ये सामान्य नियम एवं शर्तें International Finance Bank LTD और उसके ग्राहकों के बीच संबंध को शासित करती हैं। ये प्रत्येक खाते, सेवा और लेनदेन पर लागू होती हैं, जब तक कि बैंक और ग्राहक के बीच कोई पृथक लिखित अनुबंध अन्यथा प्रावधान न करे।
1. क्षेत्राधिकार का दायरा
1.1 International Finance Bank LTD को AOFA से लाइसेंस प्राप्त है और यह कोमोरोस संघ के अंजुआन में स्थापित है तथा इसके पास पूर्ण बैंकिंग लाइसेंस A क्रमांक L1149 है। बैंक को यूरोपीय संघ या यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में ऋण संस्थान के रूप में प्राधिकृत नहीं किया गया है और बैंक यह प्रस्तुत नहीं करता कि उसके पास ऐसा कोई प्राधिकार है।
1.2 बैंक की वेबसाइट पर, इन नियम एवं शर्तों में या किसी संबंधित सामग्री में कुछ भी ऐसे किसी क्षेत्राधिकार में बैंकिंग या वित्तीय सेवाएँ प्रदान करने का प्रस्ताव, आग्रह, आमंत्रण या प्रचार नहीं है, जहाँ ऐसा प्रस्ताव या प्रावधान विधि-विरुद्ध होगा, अथवा जहाँ ऐसे किसी प्राधिकरण, पंजीकरण, लाइसेंस, शाखा या अन्य प्रतिष्ठान की आवश्यकता होगी जो बैंक के पास नहीं है।
1.3 ग्राहक स्वीकार करता है कि ग्राहक ने अपनी स्वयं की पहल पर बैंक से संपर्क किया था, और अनुरोधित सेवाओं के लिए आवेदन करने हेतु बैंक द्वारा, अथवा बैंक की ओर से कार्यरत किसी परिचयकर्ता या मध्यस्थ द्वारा, उससे व्यक्तिगत रूप से याचना नहीं की गई थी, सिवाय उन मामलों के जहाँ ग्राहक पर लागू विधि के अंतर्गत ऐसी याचना की अनुमति है।
1.4 बैंक की वेबसाइट तक पहुँच, बैंक के साथ पत्राचार तथा किसी वीडियो कॉन्फ़्रेंस या परामर्श में भागीदारी से कोई बैंकिंग संबंध स्थापित नहीं होता और न ही खाते या किसी सेवा पर कोई अधिकार उत्पन्न होता है।
1.5 किसी भी सेवा की उपलब्धता सदैव लागू कानून, विनियामक अपेक्षाओं, क्षेत्राधिकारगत पात्रता, ग्राहक की पात्रता और बैंक द्वारा ग्राहक की स्वीकृति के अधीन है। 2. परिभाषाएँ
2. परिभाषाएँ
इन शर्तों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:
“खाता” से ग्राहक द्वारा बैंक में धारित किसी भी प्रकार का खाता अभिप्रेत है, जिसमें चालू, जमा, ब्रोकरेज, बहुमूल्य धातु, एस्क्रो, अभिरक्षा और पृथक्कृत खाते शामिल हैं। “प्राधिकृत व्यक्ति” से ऐसा प्राकृतिक व्यक्ति अभिप्रेत है जिसे ग्राहक ने बैंक द्वारा निर्दिष्ट प्रपत्र और प्रक्रिया के अनुसार लिखित रूप में बैंक को किसी खाते पर निर्देश देने के लिए अधिकृत के रूप में सूचित किया हो।
“बैंक” से तात्पर्य International Finance Bank LTD, अंजुआन, यूनियन ऑफ़ द कोमोरोस से है।
“बैंकिंग दिवस” का अर्थ शनिवार, रविवार या कोमोरोस संघ में सार्वजनिक अवकाश के अतिरिक्त ऐसा दिन है जिस दिन बैंक सामान्य बैंकिंग कार्य के लिए खुला रहता है।
"ग्राहक" का अर्थ वह प्राकृतिक या विधिक व्यक्ति है जिसके नाम पर कोई खाता खोला गया है अथवा जिसके नाम पर खाते के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
"शुल्क अनुसूची" का अर्थ है बैंक द्वारा प्रकाशित या अधिसूचित, समय-समय पर संशोधित, बैंक के शुल्कों, कमीशनों और मार्जिन की अनुसूची।
“निर्देश” का अर्थ है ग्राहक या किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा किसी खाते या सेवा के संबंध में बैंक को दिया गया कोई भी आदेश, निदेश या अनुरोध।
“न्यूनतम शेष राशि” से तात्पर्य बैंक द्वारा संबंधित खाता प्रकार के लिए निर्दिष्ट उस राशि से है, जिसे ग्राहक को खंड 9 के अनुसार जमा करना और बनाए रखना आवश्यक है। “ऑनबोर्डिंग दस्तावेज़” से तात्पर्य खाता खोलने के फ़ॉर्म, सामान्य गिरवी एवं समनुदेशन विलेख और, जहाँ लागू हो, ट्रेडिंग खाता सामान्य शर्तों तथा ट्रेडिंग वॉल्यूम अनुबंध से है, साथ ही बैंक द्वारा अपेक्षित सभी पहचान, स्वामित्व और निधि-स्रोत संबंधी दस्तावेज़ीकरण भी इसमें सम्मिलित है।
“सेवाएँ” से तात्पर्य बैंक द्वारा ग्राहक को प्रदान की गई या उपलब्ध कराई गई बैंकिंग, भुगतान, अभिरक्षा, ब्रोकरेज, परामर्शी और संबंधित सेवाओं से है।
“शर्तें” से आशय इन सामान्य व्यावसायिक नियम एवं शर्तों से है, जो खंड 29 के अनुसार समय-समय पर संशोधित की जाती हैं।
3. निर्वचन
3.1 शीर्षक केवल सुविधा के लिए हैं और व्याख्या को प्रभावित नहीं करते।
3.2 किसी खंड के संदर्भ का अर्थ इन नियमों के उस खंड का संदर्भ है। 3.3 किसी संविधि या विनियम के संदर्भ का अर्थ समय-समय पर लागू रूप में उसका संदर्भ है।
3.4 “सहित” शब्द का प्रयोग बिना किसी सीमा के किया गया है।
3.5 एकवचन में बहुवचन सम्मिलित है और बहुवचन में एकवचन सम्मिलित है।
3.6 जहाँ ये शर्तें बैंक और ग्राहक द्वारा हस्ताक्षरित किसी विशिष्ट लिखित अनुबंध से असंगत हों, वहाँ उस अनुबंध द्वारा शासित विषय के संबंध में विशिष्ट अनुबंध प्रभावी होगा। जहाँ ये शर्तें ऑनबोर्डिंग दस्तावेज़ों से असंगत हों, वहाँ उन दस्तावेज़ों द्वारा शासित विषय के संबंध में ऑनबोर्डिंग दस्तावेज़ प्रभावी होंगे।
4. संबंध का दायरा
4.1 बैंक सेवाएँ निष्पादन और खाता-धारण के आधार पर प्रदान करता है। बैंक निवेश सलाह, कर सलाह या विधिक सलाह प्रदान नहीं करता, जब तक कि बैंक द्वारा हस्ताक्षरित कोई पृथक लिखित अधिदेश इसका स्पष्ट रूप से प्रावधान न करे।
4.2 ग्राहक के निवास, निगमन या कर-दायित्व के क्षेत्राधिकार में बैंक के साथ खाता रखने के कर, विधिक और विनियामक परिणामों का निर्धारण करने तथा ग्राहक से अपेक्षित सभी फाइलिंग और घोषणाएँ करने का दायित्व पूर्णतः ग्राहक का है।
4.3 बैंक किसी विशेष सेवा को प्रदान करने, किसी विशेष निर्देश को स्वीकार करने, या पूर्व में प्रदान की गई किसी सेवा को जारी रखने के लिए बाध्य नहीं है, सिवाय इसके कि लिखित रूप में स्पष्ट रूप से सहमति हुई हो।
4.4 बैंक और ग्राहक के बीच संबंध बैंकर और ग्राहक का है। इन नियमों में ऐसा कुछ भी नहीं है जो लागू कानून के अंतर्गत बैंकर और ग्राहक संबंध से उत्पन्न संबंध से परे इनके बीच कोई साझेदारी, संयुक्त उद्यम, एजेंसी या न्यासीय संबंध स्थापित करे।
5. ग्राहक ऑनबोर्डिंग और स्वीकृति
5.1 खाते के लिए आवेदन, ऑनबोर्डिंग दस्तावेज़ों को पूर्ण एवं हस्ताक्षरित रूप में, बैंक द्वारा अपेक्षित समस्त सहायक दस्तावेज़ों के साथ प्रस्तुत करके किया जाता है।
5.2 आवेदन प्रस्तुत करना बैंक को बैंकिंग संबंध पर विचार करने का निमंत्रण है। इससे बैंक पर खाता खोलने का कोई दायित्व उत्पन्न नहीं होता और ग्राहक को कोई अधिकार प्राप्त नहीं होता।
5.3 आवेदन स्वीकार करने से पूर्व, बैंक यह निर्धारित करता है कि अनुरोधित सेवाएँ आवेदक के क्षेत्राधिकार में आवेदक को वैध रूप से प्रदान की जा सकती हैं या नहीं, तथा कोई लाइसेंसिंग, स्थापना, विनियामक या अन्य प्रतिबंध लागू होता है या नहीं। ऐसे क्षेत्राधिकारों से प्राप्त आवेदन, जिनमें बैंक अनुरोधित सेवाएँ वैध रूप से प्रदान नहीं कर सकता, स्वीकार नहीं किए जाएँगे।
5.4 बैंक अपने विवेकानुसार किसी भी आवेदन को अस्वीकार कर सकता है और उसके लिए कारण बताने को बाध्य नहीं है।
5.5 बैंकिंग संबंध केवल बैंक द्वारा स्वीकृति की लिखित पुष्टि और खंड 9 के अनुसार खाते के सक्रियण पर ही अस्तित्व में आता है।
6. परिचयकर्ता और फैसिलिटेटर
6.1 परिचयकर्ता, फैसिलिटेटर, एजेंट, परामर्शदाता तथा अन्य फैसिलिटेटर जो संभावित ग्राहकों को बैंक से परिचित कराते हैं, स्वतंत्र पक्षों के रूप में कार्य करते हैं। वे बैंक के कर्मचारी, प्रतिनिधि या एजेंट नहीं हैं और उन्हें बैंक को बाध्य करने का कोई अधिकार नहीं है।
6.2 कोई भी मध्यस्थ बैंक की ओर से कोई अभिकथन, वचन, गारंटी या प्रतिबद्धता देने, शर्तें उद्धृत करने, किसी आवेदन की स्वीकृति की पुष्टि करने, या यह कहने के लिए अधिकृत नहीं है कि कोई सेवा ग्राहक के लिए उपलब्ध है।
6.3 कोई भी मध्यस्थ किसी ऐसे क्षेत्राधिकार में बैंक की ओर से बैंकिंग कारोबार के लिए याचना करने हेतु अधिकृत नहीं है जहाँ ऐसी याचना के लिए बैंक के पास कोई ऐसा प्राधिकरण या स्थापना होना आवश्यक हो जो बैंक के पास नहीं है, और न ही यह प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत है कि बैंक की सेवाएँ ऐसे किसी क्षेत्राधिकार के निवासियों या संस्थाओं के लिए सामान्यतः उपलब्ध हैं।
6.4 बैंक किसी मध्यस्थ के किसी कथन, अभिकथन, कार्य या चूक के लिए कोई दायित्व स्वीकार नहीं करता। ग्राहक और मध्यस्थ के बीच तय कोई भी शुल्क उनके बीच का विषय है और बैंक पर बाध्यकारी नहीं है।
6.5 ग्राहक बैंक को परिचय में संलग्न किसी भी मध्यस्थ की पहचान प्रकट करेगा और यह भी बताएगा कि प्रारंभिक संपर्क ग्राहक की ओर से हुआ था या नहीं।
7. पहचान, उचित परिश्रम (ड्यू डिलिजेंस) और सतत निगरानी
7.1 बैंक ग्राहकों, लाभार्थी स्वामियों और निधियों के स्रोत की पहचान संबंधी दायित्वों के अधीन है। ग्राहक वह समस्त जानकारी और दस्तावेज़ उपलब्ध कराएगा जो बैंक को इन दायित्वों के निर्वहन हेतु आवश्यक हों, और अनुरोध किए जाने पर यह शीघ्रता से करेगा।
7.2 ग्राहक अपने नाम, पते, निवास, कर-निवास, विधिक स्वरूप, स्वामित्व, नियंत्रण, हितकारी स्वामित्व, प्राधिकृत व्यक्तियों अथवा राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति की स्थिति में किसी भी परिवर्तन की सूचना बैंक को बिना विलंब देगा। 7.3 बैंक संबंध की सतत निगरानी करता है और किसी भी समय अद्यतन दस्तावेज़, किसी भी लेनदेन का स्पष्टीकरण, अथवा निधि के स्रोत या गंतव्य का प्रमाण माँग सकता है।
7.4 यदि ग्राहक बैंक द्वारा निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपेक्षित जानकारी उपलब्ध कराने में विफल रहता है, तो बैंक खंड 23 के अनुसार खाते को प्रतिबंधित या निलंबित कर सकता है।
7.5 ग्राहक वारंटी देता है कि बैंक को प्रदान की गई सभी जानकारी और दस्तावेज़ सत्य, पूर्ण और भ्रामक नहीं हैं, तथा खाते में जमा की गई समस्त निधि वैध स्रोतों से प्राप्त है।
8. प्रतिबंध और निषिद्ध गतिविधि
8.1 बैंक ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ न तो संबंध स्थापित करता है और न ही बनाए रखता है जो लागू अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अधीन हैं, और ऐसे लेन-देन निष्पादित नहीं करता जो इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
8.2 जहाँ बैंक यह मानता है कि किसी लेनदेन के निष्पादन से लागू कानून, प्रतिबंधों या बैंक की आंतरिक नीतियों का उल्लंघन होगा अथवा हो सकता है, या जहाँ किसी सक्षम प्राधिकारी या कॉरेस्पोंडेंट संस्था द्वारा बैंक से ऐसा करने की अपेक्षा की जाती है, वहाँ बैंक किसी भी लेनदेन को अस्वीकार, विलंबित, अवरुद्ध या प्रतिवर्तित कर सकता है, तथा किसी भी खाते को फ़्रीज़ या बंद कर सकता है।
8.3 खंड 8.2 के अंतर्गत की गई कार्रवाई से उत्पन्न किसी भी हानि के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं है, और जहाँ कारण का प्रकटीकरण निषिद्ध हो या अनुचित हो, वहाँ ऐसी कार्रवाई का कारण बताने के लिए बैंक बाध्य नहीं है।
8.4 ग्राहक किसी भी खाते या सेवा का उपयोग किसी भी अवैध प्रयोजन के लिए नहीं करेगा, जिसमें धन शोधन, आतंकवाद का वित्तपोषण, कर चोरी, धोखाधड़ी, अथवा काल्पनिक या अस्तित्वहीन वित्तीय लिखतों का निर्गमन या प्रसार शामिल हैं।
9. खाता सक्रियण शुल्क एवं न्यूनतम शेष राशि
9.1 ग्राहक बैंक द्वारा निर्दिष्ट खाता सक्रियण शुल्क का भुगतान करेगा (वर्तमान में प्रति खाता प्रति वर्ष EUR 25,000)। प्रथम शुल्क आवेदन की स्वीकृति पर, बैंक की स्वीकृति सूचना में उल्लिखित अवधि के भीतर तथा वहाँ निर्दिष्ट भुगतान पद्धतियों से देय है; पश्चात्वर्ती शुल्क खाता सक्रियण की प्रत्येक वर्षगाँठ पर देय होंगे। यह शुल्क वापसी योग्य नहीं है।
9.2 खाता सक्रियण शुल्क उस संबंध की स्थापना और उसे बनाए रखने के लिए आवश्यक विनियामक, अनुपालन एवं परिचालन कार्य को कवर करता है, जिसमें संवर्धित उचित परिश्रम (ड्यू डिलिजेंस) और वरिष्ठ स्तर की समीक्षा तथा बैंक की वेबसाइट पर वर्णित पात्र निधियों की बीमा-आधारित सुरक्षा सम्मिलित है। यह जमा राशि नहीं है और खाते में जमा नहीं की जाती।
9.3 सक्रियण के पश्चात्, ग्राहक बैंक द्वारा निर्दिष्ट भुगतान विधियों के माध्यम से सक्रियण की तिथि से साठ (60) कैलेंडर दिनों के भीतर न्यूनतम शेष राशि जमा करेगा।
9.4 न्यूनतम शेष राशि खाते में लगातार बारह (12) माह की अवधि तक बनाए रखी जाएगी। यह अवधि तभी आरंभ होती है जब न्यूनतम शेष राशि पूर्णतः जमा कर दी गई हो, और यदि किसी भी समय शेष राशि न्यूनतम शेष राशि से कम हो जाती है तो अवधि पुनः आरंभ होती है। न्यूनतम शेष राशि से अधिक की राशियाँ इन शर्तों के अधीन स्वतंत्र रूप से अंतरित की जा सकती हैं।
9.5 यदि खंड 9.3 में निर्दिष्ट अवधि के भीतर न्यूनतम शेष राशि जमा नहीं की जाती है, तो बैंक खाते पर परिचालन संबंधी सीमाएँ लागू कर सकता है अथवा खंड 23 के अनुसार उसे प्रतिबंधित या निष्क्रिय स्थिति में रख सकता है।
9.6 खंड 9.4 में उल्लिखित अवधि की समाप्ति के पश्चात्, न्यूनतम शेष राशि पर रखरखाव की आवश्यकता लागू नहीं रहती और वह खंड 18 के अंतर्गत किसी प्रतिभूति हित के अधीन रहते हुए ग्राहक के स्वतंत्र निपटान में होती है।
10. शुल्क, कमीशन एवं मार्जिन
10.1 ग्राहक शुल्क अनुसूची में निर्दिष्ट शुल्क, कमीशन, मार्जिन, प्रभार और व्यय का भुगतान करेगा, साथ ही किसी निर्देश के निष्पादन में बैंक द्वारा वहन की गई तृतीय-पक्ष लागतों का भी, जिनमें कॉरेस्पोंडेंट बैंक प्रभार, मध्यस्थ बैंक कटौतियाँ, विनिमय लागत और कूरियर शुल्क शामिल हैं।
10.2 बैंक, खंड 10.1 के अंतर्गत देय किसी भी राशि को ग्राहक के किसी भी खाते से पूर्व सूचना के बिना डेबिट कर सकता है।
10.3 बैंक शुल्क अनुसूची में संशोधन कर सकता है। संशोधन प्रकाशन या अधिसूचना के तीस (30) कैलेंडर दिनों के बाद प्रभावी होंगे, सिवाय उन परिवर्तनों के जो कानून या किसी तृतीय पक्ष द्वारा अपेक्षित हों, जो तत्काल प्रभावी होंगे।
10.4 जहाँ मुद्रा रूपांतरण आवश्यक हो, वहाँ बैंक निष्पादन के समय अपनी दर लागू करता है, जिसमें मार्जिन सम्मिलित हो सकता है। मुद्रा जोखिम ग्राहक वहन करता है।
10.5 बैंक को देय राशियाँ पूर्ण रूप से तथा बिना किसी प्रतिसमायोजन (सेट-ऑफ), प्रतिदावे या कटौती के देय हैं। जहाँ विधि द्वारा कटौती अपेक्षित हो, वहाँ ग्राहक देय राशि को इतना बढ़ाएगा कि बैंक को वह राशि प्राप्त हो जो कटौती के अभाव में उसे प्राप्त होती।
11. निर्देश एवं प्राधिकृत व्यक्ति
11.1 बैंक ग्राहक या प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा बैंक द्वारा अधिसूचित माध्यमों और प्रारूपों में दिए गए निर्देशों पर कार्य करता है। बैंक किसी भी समय अनुमत माध्यमों को निर्दिष्ट, परिवर्तित या वापस ले सकता है। 11.2 बैंक किसी भी ऐसे निर्देश पर भरोसा करने का हकदार है जिसके संबंध में उसे युक्तियुक्त विश्वास हो कि वह ग्राहक या प्राधिकृत व्यक्ति से उत्पन्न हुआ है, और उसे आगे कोई पूछताछ करने का दायित्व नहीं है।
11.3 बैंक, अपने विवेकानुसार और कोई दायित्व वहन किए बिना, ऐसे किसी निर्देश पर कार्य करने से इनकार कर सकता है जो अपूर्ण, अस्पष्ट, असंगत, अहस्ताक्षरित या प्रत्यक्षतः परिवर्तित हो, अथवा जिसके बारे में बैंक के पास यह मानने का कारण हो कि वह प्रामाणिक नहीं है, और कार्य करने से पूर्व किसी अन्य माध्यम से पुष्टि की अपेक्षा कर सकता है।
11.4 बैंक द्वारा निष्पादन आरंभ कर दिए जाने के बाद किसी निर्देश को रद्द नहीं किया जा सकता। बैंक निर्देश को वापस मँगाने के अनुरोध पर कार्रवाई के लिए उचित प्रयास करेगा, परंतु वापसी के सफल होने का कोई आश्वासन नहीं देता, और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली किसी भी तृतीय-पक्ष लागत का वहन ग्राहक करेगा।
11.5 किसी भी एक्सेस क्रेडेंशियल, प्रमाणीकरण उपकरण या हस्ताक्षर की हानि, चोरी या अनधिकृत उपयोग की जानकारी होते ही ग्राहक बैंक को तत्काल सूचित करेगा। ऐसी सूचना प्राप्त होने तथा बैंक को उस पर कार्रवाई करने का उचित अवसर मिलने तक, क्रेडेंशियल के उपयोग के परिणाम ग्राहक वहन करेगा।
11.6 किसी प्राधिकृत व्यक्ति के प्राधिकार का प्रतिसंहरण तभी प्रभावी होगा जब बैंक को बैंक द्वारा अपेक्षित प्रारूप में लिखित सूचना प्राप्त हो जाए।
12. भुगतान निर्देशों का निष्पादन
12.1 खाते SWIFT, SEPA, RTGS और RTP अंतरणों के लिए विन्यस्त किए जाते हैं। सक्रियण के बाद अतिरिक्त सुविधाओं का अनुरोध किया जा सकता है, और वे बैंक के विवेकानुसार, खाते के अच्छी स्थिति में होने तथा बैंक द्वारा निर्दिष्ट किसी भी शर्त और शुल्क के अधीन, सक्षम की जाती हैं।
12.2 बैंक निर्देशों का निष्पादन कट-ऑफ समय, मुद्रा, कॉरिडोर, कॉरेस्पोंडेंट की उपलब्धता और अनुपालन समीक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित अवधि के भीतर करता है। बैंक किसी विशेष अवधि के भीतर निष्पादन की कोई गारंटी नहीं देता।
12.3 बैंक द्वारा प्रकाशित या अधिसूचित कट-ऑफ समय लागू होते हैं। कट-ऑफ समय के बाद, या ऐसे दिन जो बैंकिंग दिवस नहीं है, प्राप्त निर्देश अगले बैंकिंग दिवस पर प्राप्त हुआ माना जाता है।
12.4 सभी भुगतान विवरणों की सटीकता के लिए ग्राहक उत्तरदायी है, जिनमें लाभार्थी का नाम, खाता संख्या, IBAN और BIC शामिल हैं। जहाँ कोई भुगतान प्रदत्त विवरणों के अनुसार निष्पादित किया जाता है, वह सही रूप से निष्पादित माना जाएगा, भले ही वे विवरण त्रुटिपूर्ण हों।
12.5 जहाँ खाते में पर्याप्त उपलब्ध निधि न हो, जहाँ निष्पादन से खंड 8 का उल्लंघन होता हो, या जहाँ बैंक को खंड 7 के अंतर्गत अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता हो, वहाँ बैंक किसी निर्देश के निष्पादन से इनकार कर सकता है। बैंक ओवरड्राफ़्ट प्रदान करने के लिए बाध्य नहीं है, और कोई भी सहन किया गया ओवरड्राफ़्ट माँग पर बैंक की लागू दर से ब्याज सहित चुकाने योग्य है। 12.6 आने वाली निधियाँ अंतिम और अप्रतिसंहरणीय निपटान की प्राप्ति के अधीन जमा की जाती हैं। जहाँ निपटान विफल हो जाए, भुगतान वापस मँगा लिया जाए, या बैंक को निधियाँ लौटानी पड़ें, वहाँ बैंक अनंतिम जमा को उलट सकता है।
13. कॉरेस्पोंडेंट बैंक और तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाता
13.1 बैंक सीमा-पार लेनदेन का निष्पादन कॉरेस्पोंडेंट बैंकों, क्लियरिंग प्रणालियों, अभिरक्षकों और अन्य तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाताओं के माध्यम से करता है। बैंक ऐसे पक्षों का चयन उचित सावधानी के साथ करता है।
13.2 ऐसे पक्षों के माध्यम से निष्पादित लेनदेन उनके नियमों, प्रक्रियाओं, कट-ऑफ समय, अनुपालन अपेक्षाओं और कटौतियों के अधीन होते हैं, जिन पर बैंक का कोई नियंत्रण नहीं है।
13.3 बैंक किसी भी कॉरेस्पोंडेंट बैंक, क्लियरिंग प्रणाली, अभिरक्षक या अन्य तृतीय पक्ष के कृत्यों, चूकों, शोधन-अक्षमता, विलंब, अवरोधन, फ़्रीज़ करने या कटौती के लिए उत्तरदायी नहीं है, सिवाय उस स्थिति के जब बैंक ने ऐसे पक्ष के चयन में उचित सावधानी बरतने में चूक की हो।
14. वैकल्पिक अंतरण पद्धतियाँ
14.1 बैंक KTT, API और JSON मैसेजिंग, IPIP, सर्वर-टू-सर्वर और लेजर-टू-लेजर अंतरण सहित अतिरिक्त अंतरण पद्धतियाँ उपलब्ध करा सकता है। उपलब्धता बैंक के विवेकाधिकार पर निर्भर है और पृथक तकनीकी एवं अनुपालन शर्तों के अधीन है।
14.2 ऐसी पद्धतियाँ केवल खाते के सक्रिय होने के पश्चात, केवल लिखित अनुरोध पर, और केवल तभी सक्षम की जाती हैं जब बैंक प्रतिपक्ष, कॉरिडोर और अभिप्रेत उपयोग के संबंध में संतुष्ट हो।
14.3 ग्राहक स्वीकार करता है कि ऐसी पद्धतियों में SWIFT, RTGS या SEPA अंतरणों से जुड़ी निपटान की अंतिमता, अनुरेखणीयता या विवाद-समाधान तंत्र उपलब्ध नहीं हो सकते हैं, और संबंधित जोखिम को स्वीकार करता है।
15. डिजिटल परिसंपत्तियाँ
15.1 जहाँ बैंक डिजिटल परिसंपत्तियों में अंतरण स्वीकार करता है, वह ऐसा केवल उन्हीं रूपों, नेटवर्कों, पतों और प्रदाताओं के माध्यम से करता है जो वह संबंधित लेनदेन के लिए लिखित रूप में निर्दिष्ट करता है।
15.2 बैंक द्वारा लेन-देन के लिए निर्दिष्ट पते के अतिरिक्त किसी अन्य पते पर, अथवा निर्दिष्ट नेटवर्क के अतिरिक्त किसी अन्य नेटवर्क पर भेजा गया अंतरण अप्राप्य हो सकता है। बैंक ऐसी हानि के लिए कोई दायित्व स्वीकार नहीं करता।
15.3 बैंक प्राप्त होने वाली डिजिटल परिसंपत्तियों पर ब्लॉकचेन विश्लेषण एवं स्रोत-जाँच लागू करता है, और जहाँ जाँच में किसी अवैध गतिविधि या प्रतिबंधित पक्ष से संबंध प्रकट हो, वहाँ वह परिसंपत्तियों को अस्वीकार करने, लौटाने या फ़्रीज़ करने का अधिकार रखता है।
15.4 डिजिटल परिसंपत्तियों से संबंधित सभी मूल्य, नेटवर्क, प्रोटोकॉल और रूपांतरण जोखिम ग्राहक वहन करता है।
16. ट्रेडिंग खाते
16.1 जो ग्राहक किसी खाते के माध्यम से वित्तीय लिखतों का व्यापार करना चाहता है, या बैंक को लिखतें जारी करने का अधिदेश देना चाहता है, उसे अतिरिक्त रूप से ट्रेडिंग खाता सामान्य शर्तों और ट्रेडिंग वॉल्यूम अनुबंध पर हस्ताक्षर करने होंगे।
16.2 ट्रेडिंग मात्रा बैंक और ग्राहक के बीच व्यक्तिगत रूप से तय की जाती है और ट्रेडिंग मात्रा अनुबंध में दर्ज की जाती है। ट्रेडिंग खाता सामान्य शर्तों के अंतर्गत ट्रेडिंग शुल्क सहमत मात्रा के आधार पर परिकलित किए जाते हैं।
16.3 ट्रेडिंग वॉल्यूम अनुबंध पर बैंक द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किए जाने और उसके प्रभावी होने तथा लागू ट्रेडिंग शुल्कों का भुगतान हो जाने पर ही ट्रेडिंग सक्षम की जाती है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि या उसके नवीनीकरण के लिए नया ट्रेडिंग वॉल्यूम अनुबंध आवश्यक है।
16.4 ट्रेडिंग गतिविधि के संबंध में, किसी भी असंगति की स्थिति में, उस सीमा तक ट्रेडिंग खाता सामान्य शर्तें इन नियम एवं शर्तों पर प्रभावी होंगी।
17. विवरण, अभिलेख एवं आपत्तियाँ
17.1 बैंक खाता विवरण ग्राहक के साथ सहमत माध्यम से, अपने द्वारा निर्दिष्ट अंतराल पर उपलब्ध कराता है।
17.2 ग्राहक प्रत्येक विवरण और प्रत्येक लेन-देन पुष्टि की प्राप्ति पर उसकी जाँच करेगा और विवरण उपलब्ध कराए जाने की तिथि से तीस (30) कैलेंडर दिनों के भीतर किसी भी आपत्ति की सूचना बैंक को लिखित रूप में देगा।
17.3 यदि उस अवधि के भीतर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो विवरण को अनुमोदित माना जाएगा, सिवाय प्रकट त्रुटि, धोखाधड़ी या ऐसी प्रविष्टि के मामले में जिसका ग्राहक युक्तिसंगत रूप से पता नहीं लगा सकता था।
17.4 स्पष्ट त्रुटि के मामले को छोड़कर, बैंक की बहियाँ और अभिलेख उनमें दर्ज लेनदेनों के साक्ष्य होंगे। इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, संदेश लॉग और रिकॉर्डिंग का साक्ष्य के रूप में वही स्थान होगा जो लिखित अभिलेखों का है। 17.5 अपेक्षित विवरण या पुष्टि प्राप्त न होने की सूचना ग्राहक उचित अवधि के भीतर बैंक को देगा।
18. प्रतिभूति हित, सेट-ऑफ और गिरवी
18.1 ग्राहक बैंक को, बैंकिंग संबंध से उत्पन्न ग्राहक के विरुद्ध बैंक के सभी वर्तमान और भावी दावों की प्रतिभूति के रूप में, ग्राहक के खाते में बैंक द्वारा धारित सभी परिसंपत्तियों, शेष राशियों, प्रतिभूतियों, बहुमूल्य धातुओं और दावों पर प्रतिभूति हित प्रदान करता है। ऑनबोर्डिंग के समय हस्ताक्षरित सामान्य गिरवी एवं समनुदेशन विलेख (General Deed of Pledge and Assignment) इस प्रतिभूति हित के विवरण को नियंत्रित करता है।
18.2 बैंक ग्राहक के विरुद्ध अपने किसी भी दावे को ग्राहक के लिए धारित किसी भी शेष राशि के विरुद्ध, किसी भी मुद्रा में और किसी भी खाते पर, समायोजित (सेट-ऑफ) कर सकता है, चाहे दावा और शेष राशि एक ही मुद्रा अथवा परिपक्वता के हों या नहीं। जहाँ इस प्रयोजन के लिए मुद्रा रूपांतरण आवश्यक हो, वहाँ बैंक अपनी स्वयं की दर लागू करता है।
18.3 यदि ग्राहक देय होने पर बैंक के किसी दावे की पूर्ति करने में विफल रहता है, तो बैंक, लागू कानून द्वारा अपेक्षित सूचना देने के पश्चात, गिरवी रखी गई परिसंपत्तियों का उस तरीके से और उस समय पर नकदीकरण कर सकता है जिसे वह उपयुक्त समझे।
19. संचार
19.1 बैंक, ऑनबोर्डिंग के समय सहमत माध्यमों से ग्राहक के साथ संवाद करता है। बैंक की ओर से भेजी गई सूचनाएँ, ग्राहक द्वारा अंतिम बार सूचित पते, ईमेल पते या संदेश पहचानकर्ता पर प्रेषण के अगले बैंकिंग दिवस को प्राप्त मानी जाएँगी।
19.2 ग्राहक स्वीकार करता है कि ई-मेल और मैसेजिंग सेवाएँ सुरक्षित नहीं हैं, संदेशों को बीच में रोका, विलंबित, परिवर्तित किया जा सकता है अथवा वे खो सकते हैं, और बैंक असुरक्षित माध्यमों से भुगतान निर्देश स्वीकार नहीं करता, सिवाय उन स्थितियों के जहाँ कोई विशिष्ट प्रमाणीकरण प्रक्रिया पर सहमति हुई हो।
19.3 ग्राहक बैंक को अपने वर्तमान संपर्क विवरण से अवगत रखेगा। जहाँ संचार वितरित नहीं हो पाता, वहाँ बैंक पत्राचार को ग्राहक के लिए उपलब्ध रख सकता है और अप्राप्ति के परिणाम ग्राहक को वहन करने होंगे।
19.4 बैंक साक्ष्य और अनुपालन प्रयोजनों के लिए टेलीफ़ोन कॉल और वीडियो कॉन्फ़्रेंस रिकॉर्ड कर सकता है।
19.5 संवाद अंग्रेज़ी में संचालित किए जाते हैं, जब तक कि बैंक अन्यथा सहमत न हो। जहाँ सुविधा के लिए अनुवाद प्रदान किया जाता है, वहाँ अंग्रेज़ी संस्करण ही अभिभावी (मान्य) होगा।
20. गोपनीयता और प्रकटीकरण
20.1 बैंक ग्राहक और संबंध से जुड़ी जानकारी को गोपनीय मानता है और इस खंड में उल्लिखित स्थितियों के अतिरिक्त उसे प्रकट नहीं करता।
20.2 बैंक जानकारी का प्रकटीकरण तब करता है जब लागू कानून या सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय के आदेश द्वारा प्रकटीकरण आवश्यक हो, जब किसी निर्देश के निष्पादन के लिए यह आवश्यक हो, जब किसी कॉरेस्पोंडेंट बैंक, क्लियरिंग प्रणाली, अभिरक्षक या लेन-देन में सम्मिलित किसी अन्य पक्ष द्वारा इसकी अपेक्षा की जाए, जब बैंक के अधिकारों की रक्षा या प्रवर्तन के लिए यह आवश्यक हो, अथवा जब ग्राहक ने सहमति दी हो।
20.3 ग्राहक स्वीकार करता है कि सीमा-पार भुगतान निर्देश में ग्राहक के पहचान संबंधी डेटा का संप्रेषण अनिवार्य रूप से उन कॉरेस्पोंडेंट संस्थाओं, क्लियरिंग प्रणालियों और, जहाँ लागू हो, उन देशों के प्राधिकारियों को किया जाता है जिनके माध्यम से भुगतान भेजा जाता है। उन पक्षों द्वारा उस डेटा के उपयोग पर बैंक का कोई नियंत्रण नहीं है।
20.4 बैंक सूचना के स्वचालित आदान-प्रदान की लागू व्यवस्थाओं का अनुपालन करता है, जिनमें FATCA, OECD कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड और अपने क्षेत्राधिकार में लागू किया गया क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क शामिल हैं, और तदनुसार सूचना की रिपोर्ट करता है।
20.5 ग्राहक बैंक की प्रणालियों, प्रक्रियाओं, मूल्य-निर्धारण तथा आंतरिक व्यवस्थाओं से संबंधित सभी ऐसी जानकारी को गोपनीय रखेगा जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
21. डेटा संरक्षण
21.1 बैंकिंग संबंध के संबंध में संसाधित व्यक्तिगत डेटा का नियंत्रक बैंक है। उस संसाधन के उद्देश्य और साधन बैंक निर्धारित करता है।
21.2 बैंक व्यक्तिगत डेटा का प्रसंस्करण संबंध की स्थापना एवं प्रशासन, निर्देशों के निष्पादन, अपने विधिक, विनियामक एवं रिपोर्टिंग दायित्वों के अनुपालन, जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी एवं वित्तीय अपराध की रोकथाम, तथा अपने अधिकारों के प्रवर्तन के प्रयोजनों से करता है।
21.3 बैंक व्यक्तिगत डेटा को अनधिकृत पहुँच, हानि, परिवर्तन और प्रकटीकरण से बचाने के लिए जोखिम के अनुरूप तकनीकी एवं संगठनात्मक उपाय लागू करता है।
21.4 जहाँ खंड 21.2 में उल्लिखित प्रयोजनों के लिए आवश्यक हो, वहाँ व्यक्तिगत डेटा अन्य क्षेत्राधिकारों में स्थित कॉरेस्पोंडेंट संस्थाओं, क्लियरिंग प्रणालियों, अभिरक्षकों, सेवा प्रदाताओं और प्राधिकारियों को अंतरित किया जा सकता है। बैंक अपनी ओर से कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं पर उपयुक्त गोपनीयता दायित्व अधिरोपित करता है।
21.5 बैंक व्यक्तिगत डेटा को लागू कानून तथा अपने अभिलेख-संधारण दायित्वों द्वारा अपेक्षित अवधियों तक रखता है, और उसके पश्चात उसे हटा देता है अथवा अनामित कर देता है। 21.6 व्यक्तिगत डेटा से संबंधित अनुरोध बैंक को लिखित रूप में भेजे जा सकते हैं। बैंक उस सीमा तक उत्तर देता है जितना उस पर लागू कानून द्वारा अपेक्षित है, और जहाँ अनुरोध का पालन किसी कानूनी अथवा विनियामक दायित्व से टकराता हो, वहाँ अनुरोध को अस्वीकार कर सकता है।
22. ग्राहक के दायित्व और अभ्यावेदन
22.1 ग्राहक निरंतर आधार पर यह प्रतिनिधित्व करता है और वारंटी देता है कि:
22.1.1 ग्राहक के पास विधिक क्षमता है और, विधिक व्यक्ति की स्थिति में, संबंध स्थापित करने तथा निर्देश देने का निगमीय प्राधिकार है;
22.1.2 बैंक को प्रदान की गई सभी जानकारी और दस्तावेज़ सत्य, पूर्ण और अद्यतन हैं;
22.1.3 ग्राहक अपने स्वयं के लिए कार्य करता है, अथवा, जहाँ ग्राहक किसी तृतीय पक्ष की ओर से कार्य करता है, उसने इस तथ्य और उस तृतीय पक्ष की पहचान का बैंक के समक्ष प्रकटीकरण कर दिया है;
22.1.4 खाते में जमा की गई निधियाँ वैध स्रोतों से प्राप्त हैं और किसी भी अवैध गतिविधि से संबद्ध नहीं हैं;
22.1.5 ग्राहक बैंक के पास रखी परिसंपत्तियों के संबंध में ग्राहक पर लागू सभी कर और रिपोर्टिंग दायित्वों का अनुपालन कर रहा है; तथा
22.1.6 ग्राहक किसी भी लागू अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के अधीन नहीं है।
22.2 यदि खंड 22.1 में दिया गया कोई भी अभिकथन अशुद्ध हो जाता है, तो ग्राहक बैंक को बिना विलंब सूचित करेगा।
23. प्रतिबंध, निलंबन और निष्क्रियता
23.1 जहाँ ग्राहक ने खंड 7 के अंतर्गत अपेक्षित जानकारी प्रदान नहीं की है, जहाँ खंड 9.3 के अनुसार न्यूनतम शेष राशि जमा नहीं की गई है, जहाँ बैंक के पास गैरकानूनी गतिविधि का संदेह करने के आधार हैं, जहाँ किसी सक्षम प्राधिकरण या कॉरेस्पोंडेंट संस्था द्वारा ऐसा अपेक्षित है, या जहाँ ग्राहक इन शर्तों का सारभूत उल्लंघन कर रहा है, वहाँ बैंक किसी खाते या सेवा को प्रतिबंधित, निलंबित या सीमित कर सकता है।
23.2 जहाँ कोई खाता बैंक द्वारा निर्दिष्ट अवधि तक निष्क्रिय रहा हो, या जहाँ बैंक ग्राहक से संपर्क करने में असमर्थ रहा हो, वहाँ बैंक खाते को निष्क्रिय (डॉर्मेंट) स्थिति में रख सकता है और शुल्क अनुसूची में निर्दिष्ट तदनुरूप शुल्क लागू कर सकता है।
23.3 जहाँ ऐसा करना विधिसम्मत और उपयुक्त हो, वहाँ बैंक ग्राहक को प्रतिबंध, निलंबन या निष्क्रियता की स्थिति की सूचना देगा।
23.4 किसी प्रतिबंध या निलंबन को तब हटाया जाता है जब उसके मूल कारण का निवारण बैंक के संतोषानुसार कर दिया गया हो।
24. अवधि और समाप्ति
24.1 बैंकिंग संबंध अनिश्चित अवधि के लिए स्थापित किया जाता है।
24.2 ग्राहक किसी भी समय लिखित सूचना देकर संबंध समाप्त कर सकता है, बशर्ते सभी बकाया दायित्वों का निपटान हो चुका हो और खंड 9.4 के अंतर्गत किसी भी अनुरक्षण आवश्यकता का पालन किया गया हो।
24.3 बैंक कारण बताए बिना, तीस (30) कैलेंडर दिनों की पूर्व लिखित सूचना देकर संबंध अथवा किसी भी एक सेवा को समाप्त कर सकता है।
24.4 बैंक संबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर सकता है, यदि ग्राहक इन शर्तों का तात्विक उल्लंघन करता है, यदि खंड 22.1 के अंतर्गत कोई अभिकथन मिथ्या सिद्ध होता है, यदि ग्राहक खंड 7 के अंतर्गत अनुरोधित जानकारी प्रदान करने में विफल रहता है, यदि संबंध जारी रखने से लागू कानून या प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा, यदि कोई सक्षम प्राधिकारी या कॉरेस्पोंडेंट संस्था ऐसी अपेक्षा करती है, या यदि ग्राहक दिवालिया हो जाता है या दिवालियापन कार्यवाही के अधीन हो जाता है।
24.5 समापन से उन खाता सक्रियण शुल्कों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता जिनका भुगतान पहले ही किया जा चुका है, और वे सभी परिस्थितियों में अप्रतिदेय रहते हैं।
25. समाप्ति के परिणाम
25.1 समाप्ति पर, ग्राहक के विरुद्ध बैंक के सभी दावे तत्काल देय हो जाते हैं।
25.2 ग्राहक, समाप्ति की तिथि से तीस (30) कैलेंडर दिनों के भीतर बैंक को किसी भी शेष राशि और परिसंपत्तियों के अंतरण के संबंध में निर्देश देगा। जहाँ कोई निर्देश प्राप्त नहीं होता, या जहाँ निर्देश का विधिपूर्वक निष्पादन संभव नहीं है, वहाँ बैंक ग्राहक की लागत और जोखिम पर शेष राशि को ब्याज रहित धारित कर सकता है, अथवा परिसंपत्तियों को जमा या विक्रय कर सकता है।
25.3 बैंक ऐसी राशियाँ रोक सकता है जो आकस्मिक, अनिर्धारित अथवा अभी देय न हुए दावों को पूरा करने के लिए आवश्यक हों।
25.4 खंड 8, 17, 18, 20, 21, 26, 30 और 33 समापन के बाद भी प्रभावी रहते हैं।
26. दायित्व
26.1 बैंक अपनी घोर लापरवाही या जानबूझकर किए गए कदाचार से होने वाली हानि के लिए उत्तरदायी है। 26.2 बैंक किसी भी कारण से उत्पन्न लाभ की हानि, अवसर की हानि, व्यवसाय की हानि, साख की हानि, या किसी अप्रत्यक्ष अथवा परिणामी हानि के लिए उत्तरदायी नहीं है।
26.3 बैंक निम्नलिखित से उत्पन्न हानि के लिए उत्तरदायी नहीं है:
26.3.1 खंड 13.3 में यथा उपबंधित के सिवाय, किसी कॉरेस्पोंडेंट बैंक, क्लियरिंग प्रणाली, अभिरक्षक, एक्सचेंज या अन्य तृतीय पक्ष के कार्य, चूक, दिवालियापन या विलंब;
26.3.2 किसी भी संचार नेटवर्क, भुगतान प्रणाली, ब्लॉकचेन नेटवर्क या तकनीकी अवसंरचना की विफलता, व्यवधान, अनुपलब्धता या सुरक्षा-भंग, जो बैंक के नियंत्रण में नहीं है;
26.3.3 किसी ऐसे निर्देश का निष्पादन, जिस पर खंड 11.2 के अंतर्गत बैंक को भरोसा करने का अधिकार था;
26.3.4 खंड 8.2 या खंड 23.1 के अंतर्गत बैंक द्वारा की गई कार्रवाई;
26.3.5 खंड 12.4 में दिए गए प्रावधान के अनुसार, ग्राहक द्वारा प्रदान किए गए भुगतान विवरण की अशुद्धता; या
26.3.6 ग्राहक द्वारा ऐसी जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय, जो किसी लिखित सलाहकार अधिदेश का विषय नहीं है।
26.4 किसी भी बारह माह की अवधि में उत्पन्न किसी दावे या परस्पर संबद्ध दावों की श्रृंखला के संबंध में बैंक का कुल दायित्व, उस अवधि में ग्राहक द्वारा बैंक को भुगतान किए गए शुल्कों और EUR 1,000,000 में से जो कम हो, उससे अधिक नहीं होगा।
26.5 इस खंड की सीमाएँ उस दायित्व पर लागू नहीं होतीं जिसे बैंक पर लागू कानून के अंतर्गत अपवर्जित या सीमित नहीं किया जा सकता।
26.6 ग्राहक, ग्राहक द्वारा इन शर्तों के उल्लंघन, खंड 22.1 के अंतर्गत किसी अभिकथन के मिथ्यात्व, या बैंक के अधिकारों के प्रवर्तन के परिणामस्वरूप बैंक को हुई समस्त हानियों, लागतों, दावों और व्ययों के विरुद्ध बैंक को क्षतिपूर्ति करेगा।
27. अपरिहार्य परिस्थितियाँ (फ़ोर्स मेज्योर)
27.1 जहाँ अपने दायित्वों के निर्वहन में कोई विफलता या विलंब बैंक के उचित नियंत्रण से परे किसी कारण से उत्पन्न होता है, वहाँ उस विफलता या विलंब के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं है; इन कारणों में प्राकृतिक घटनाएँ, युद्ध, नागरिक अशांति, आतंकवाद, महामारी, औद्योगिक कार्रवाई, बिजली या दूरसंचार की विफलता, साइबर हमला, किसी सरकार या विनियामक की कार्रवाई, किसी भुगतान या निपटान प्रणाली का निलंबन, अथवा किसी कॉरेस्पोंडेंट संस्था की विफलता शामिल हैं।
27.2 बैंक ऐसी किसी भी घटना की सूचना ग्राहक को यथोचित रूप से व्यवहार्य होते ही शीघ्रातिशीघ्र देगा और उसके प्रभाव को सीमित करने के लिए उचित प्रयास करेगा।
28. समनुदेशन
28.1 ग्राहक बैंक की पूर्व लिखित सहमति के बिना बैंक के विरुद्ध किसी अधिकार या दावे को न तो सौंप सकता है, न अंतरित कर सकता है, न गिरवी रख सकता है और न ही किसी अन्य प्रकार से उसका निपटान कर सकता है।
28.2 बैंक इन शर्तों के अंतर्गत अपने अधिकार और दायित्व किसी उत्तराधिकारी संस्था को अथवा व्यवसाय के अंतरण के संबंध में, ग्राहक को सूचना देकर, अंतरित कर सकता है।
29. संशोधन
29.1 बैंक इन नियमों में संशोधन कर सकता है। संशोधनों की सूचना ग्राहक को सहमत संचार माध्यम से दी जाती है अथवा उन्हें बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है।
29.2 कोई संशोधन अधिसूचना के तीस (30) कैलेंडर दिन बाद प्रभावी होता है, जब तक कि ग्राहक उस तिथि से पूर्व लिखित रूप में आपत्ति न करे। आपत्ति को खंड 24.2 के अंतर्गत ग्राहक द्वारा समाप्ति की सूचना माना जाएगा।
29.3 कानून, किसी विनियामक या किसी कॉरेस्पोंडेंट संस्था द्वारा अपेक्षित संशोधन खंड 29.2 में निर्दिष्ट अवधि के बिना, अपेक्षित तिथि से प्रभावी होते हैं।
30. शिकायतें एवं विवाद
30.1 शिकायत बैंक को लिखित रूप में प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें शिकायत का विषय और अपेक्षित परिणाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित हों।
30.2 बैंक प्राप्ति की पुष्टि करता है और मामले की जटिलता को ध्यान में रखते हुए उचित अवधि के भीतर उत्तर देता है।
30.3 जहाँ किसी शिकायत का समाधान नहीं होता, वहाँ पक्षकार कार्यवाही आरंभ करने से पूर्व चर्चा के माध्यम से मामले को सुलझाने के लिए उचित प्रयास करेंगे। यह खंड किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत प्राप्त करने से नहीं रोकता।
31. पृथक्करणीयता
31.1 यदि इन शर्तों का कोई प्रावधान अमान्य, अवैध या अप्रवर्तनीय है अथवा हो जाता है, तो उसकी वाणिज्यिक मंशा को बनाए रखते हुए उसे वैध, विधिसम्मत और प्रवर्तनीय बनाने के लिए आवश्यक न्यूनतम सीमा तक संशोधित किया जाएगा। 31.2 यदि ऐसा संशोधन संभव न हो, तो उस प्रावधान को हटाया हुआ माना जाएगा।
31.3 किसी प्रावधान में संशोधन या उसके विलोपन से इन शर्तों के शेष भाग की वैधता या प्रवर्तनीयता प्रभावित नहीं होती।
31.4 किसी अधिकार का प्रयोग करने में बैंक की ओर से कोई चूक या विलंब उस अधिकार का परित्याग नहीं माना जाएगा, और किसी अधिकार का एकल या आंशिक प्रयोग उसके आगे के प्रयोग को बाधित नहीं करेगा।
32. संपूर्ण अनुबंध
32.1 ये शर्तें, ऑनबोर्डिंग दस्तावेज़ों और शुल्क अनुसूची के साथ मिलकर, बैंकिंग संबंध के संदर्भ में बैंक और ग्राहक के बीच संपूर्ण करार का गठन करती हैं तथा सभी पूर्व पत्राचार, अभ्यावेदनों और समझौतों का स्थान लेती हैं।
32.2 ग्राहक पुष्टि करता है कि संबंध स्थापित करते समय उसने खंड 32.1 में उल्लिखित दस्तावेज़ों में दिए गए कथनों, अभ्यावेदनों या आश्वासनों के अतिरिक्त किसी अन्य कथन, अभ्यावेदन या आश्वासन पर भरोसा नहीं किया है, और विशेष रूप से खंड 6 में वर्णित किसी मध्यस्थ द्वारा किए गए किसी कथन पर भरोसा नहीं किया है।
32.3 इस खंड की कोई भी बात धोखाधड़ी या कपटपूर्ण दुर्व्यपदेशन के लिए दायित्व को सीमित नहीं करती।
33. शासी विधि और क्षेत्राधिकार
33.1 ये शर्तें, बैंकिंग संबंध और उनसे उत्पन्न होने वाले सभी विषय, जिनमें गैर-संविदात्मक विषय भी शामिल हैं, कोमोरोस संघ के कानून द्वारा शासित हैं।
33.2 इन शर्तों अथवा बैंकिंग संबंध से उत्पन्न या उनसे संबद्ध किसी भी विवाद के संबंध में मुत्सामुडु, अंजुआन, कोमोरोस संघ के न्यायालयों को अनन्य क्षेत्राधिकार प्राप्त है।
33.3 बैंक को यह अधिकार सुरक्षित है कि वह ग्राहक के विरुद्ध किसी भी ऐसे अन्य क्षेत्राधिकार में कार्यवाही आरंभ करे जहाँ ग्राहक निवास करता है, स्थापित है या परिसंपत्तियाँ धारण करता है।
International Finance Bank LTD पूर्ण बैंकिंग AOFA लाइसेंस A सं. L1149, अंजुआन, कोमोरोस संघ
बैंक की क्षेत्राधिकार संबंधी सूचना इन नियमों का अंग है और बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है।